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Grast| Nikhil Uprety || ग्रस्त | निखिल उप्रेती

Original price was: ₹240.00.Current price is: ₹190.00.

एक हॉरर लेखन-कार्यशाला ( Horror writing workshop) का आयोजन घने जंगल में स्थित एक कॉटेज में किया जाता है, जहाँ लेखकों का एक समूह अपने मार्गदर्शक के साथ इकट्ठा होता है । कॉटेज के चारों ओर फैला घना जंगल कथित तौर पर प्रेतबाधित है, और समूह को बार-बार चेतावनी दी जाती है कि वे किसी भी हाल में जंगल के भीतर न जाएँ। चीज़ें तब बिगड़ने लगती हैं, जब महिला सदस्यों में से एक — श्रेया — को अपने सपनों में एक अन्य युवती के भयावह दृश्य दिखाई देने लगते हैं, जो जंगल की गहराइयों से मदद के लिए पुकारती है।

चेतावनियों के बावजूद, सदस्यों में से एक अनजाने में जंगल के भीतर चला जाता है और रास्ता भटक जाता है । उसकी खोज में समूह को मजबूरन जंगल में प्रवेश करना पड़ता है, जबकि स्थानीय देख-रेख करने वाला उन्हें रोकने की भरपूर कोशिश करता है। उसका कहना था कि किंवदंती के अनुसार, यह जंगल एक प्राचीन जनजाति का था और उस जनजाति के लोगों ने उसी कबीले की एक युवती के प्रेमी की बेरहमी से हत्या कर दी थी । माना जाता है कि उस युवती की आत्मा अब भी जंगल में भटक रही है और जो भी इसमें घुसने की हिम्मत करता है, वह उसे मार डालती है।

गायब सदस्य को खोजने के लिए जैसे-जैसे समूह के लोग जंगल में प्रवेश करते हैं, एक-एक करके उनकी हत्याएँ होती जाती हैं । कहानी के अंत तक एक ऐसा रहस्य उजागर होता है जो सभी बचे हुए सदस्यों को ज़िन्दगी और मौत के उस पार देखने के लिए मजबूर कर देता है।

वो रहस्य क्या है और क्या श्रेया उस आत्मा के श्राप का अंत कर पाएगी या वह भी उस दुष्ट शक्ति का शिकार बन जाएगी ?

यह सिर्फ़ एक हॉरर कहानी नहीं है बल्कि डर, पुनर्जन्म, और बदले की वो दास्तान है जो आख़िरी पन्ने तक आपको बांधे रखेगी।

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Description

ग्रस्त

लेखक – निखिल उप्रेती

पृष्ठ – 140

एक हॉरर लेखन-कार्यशाला ( Horror writing workshop) का आयोजन घने जंगल में स्थित एक कॉटेज में किया जाता है, जहाँ लेखकों का एक समूह अपने मार्गदर्शक के साथ इकट्ठा होता है । कॉटेज के चारों ओर फैला घना जंगल कथित तौर पर प्रेतबाधित है, और समूह को बार-बार चेतावनी दी जाती है कि वे किसी भी हाल में जंगल के भीतर न जाएँ। चीज़ें तब बिगड़ने लगती हैं, जब महिला सदस्यों में से एक — श्रेया — को अपने सपनों में एक अन्य युवती के भयावह दृश्य दिखाई देने लगते हैं, जो जंगल की गहराइयों से मदद के लिए पुकारती है।

चेतावनियों के बावजूद, सदस्यों में से एक अनजाने में जंगल के भीतर चला जाता है और रास्ता भटक जाता है । उसकी खोज में समूह को मजबूरन जंगल में प्रवेश करना पड़ता है, जबकि स्थानीय देख-रेख करने वाला उन्हें रोकने की भरपूर कोशिश करता है। उसका कहना था कि किंवदंती के अनुसार, यह जंगल एक प्राचीन जनजाति का था और उस जनजाति के लोगों ने उसी कबीले की एक युवती के प्रेमी की बेरहमी से हत्या कर दी थी । माना जाता है कि उस युवती की आत्मा अब भी जंगल में भटक रही है और जो भी इसमें घुसने की हिम्मत करता है, वह उसे मार डालती है।

गायब सदस्य को खोजने के लिए जैसे-जैसे समूह के लोग जंगल में प्रवेश करते हैं, एक-एक करके उनकी हत्याएँ होती जाती हैं । कहानी के अंत तक एक ऐसा रहस्य उजागर होता है जो सभी बचे हुए सदस्यों को ज़िन्दगी और मौत के उस पार देखने के लिए मजबूर कर देता है।

वो रहस्य क्या है और क्या श्रेया उस आत्मा के श्राप का अंत कर पाएगी या वह भी उस दुष्ट शक्ति का शिकार बन जाएगी ?

यह सिर्फ़ एक हॉरर कहानी नहीं है बल्कि डर, पुनर्जन्म, और बदले की वो दास्तान है जो आख़िरी पन्ने तक आपको बांधे रखेगी।

Additional information

Weight 0.2 kg
Dimensions 22 × 13 × 2 cm

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